इंदिरेश अस्पताल में सायरन के साथ जागरूकता, फायर ड्रिल ने सिखाया कैसे बचाएं जान
- Uttarakhandnews Network
- 21 घंटे पहले
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देहरादून। Shri Mahant Indiresh Hospital में शनिवार को आयोजित फायर सेफ्टी जागरूकता कार्यशाला ने साफ संदेश दिया कि आग जैसी आपात स्थितियों में घबराहट नहीं, बल्कि सतर्कता और प्रशिक्षण ही सबसे बड़ा हथियार है। कार्यक्रम में Fire Brigade Dehradun की टीम ने अस्पताल स्टाफ को आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक गुर सिखाए।
कार्यशाला की शुरुआत फायर ब्रिगेड के प्रभारी Rajesh Kumar के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में फायर सेफ्टी इंतजाम चाक-चौबंद होना अनिवार्य है। पम्प ऑपरेटर Sunil Rawat ने बताया कि नियमित मॉक ड्रिल और उपकरणों के सही उपयोग का प्रशिक्षण ही आपदा के समय अफरा-तफरी को रोक सकता है।
विशेषज्ञों ने “रेस प्रोटोकॉल” (Rescue, Alarm, Confine, Extinguish) के तहत मरीजों की सुरक्षित निकासी, भीड़ नियंत्रण और तत्काल कार्रवाई के तरीकों को विस्तार से समझाया। उन्होंने आग लगने की स्थिति में तुरंत अलार्म बजाने, फायर ब्रिगेड को सूचना देने और निर्धारित इमरजेंसी एग्जिट का उपयोग करने पर जोर दिया।
अस्पताल परिसर में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने लाइव डेमो देकर आग बुझाने और रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रक्रिया दिखाई। इस अभ्यास से स्टाफ को वास्तविक परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक अनुभव मिला।
इस मौके पर चिकित्सा अधीक्षक (प्रशासन) Dr. Gaurav Raturi, चिकित्सा अधीक्षक (ऑपरेशंस) Dr. Virendra Verma, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर Dr. Abin Pal, फायर सेफ्टी सुपरवाइजर Aniruddh Singh सहित सैकड़ों नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे।
कार्यशाला ने यह स्पष्ट कर दिया कि सही तैयारी, संसाधन और प्रशिक्षण के साथ ही आग जैसी आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।







