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आधुनिक डायग्नोस्टिक्स में बड़ा बदलाव — SGRRU ने उत्तराखण्ड को दी नई पहचान

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 13 मिनट पहले
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देहरादून। उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी क्रांति का नया अध्याय जुड़ गया है। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के जैव रसायन विभाग ने राज्य की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला एवं उत्कृष्टता केन्द्र का शुभारंभ कर आधुनिक डायग्नोस्टिक्स को नई दिशा दे दी है। यह अत्याधुनिक सुविधा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की केन्द्रीय जैव रसायन प्रयोगशाला में स्थापित की गई है, जिससे मरीजों को अब तेज, सटीक और विश्वस्तरीय जांच परिणाम उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर आयोजित समारोह में विशेषज्ञों ने इसे उत्तराखण्ड की चिकित्सा सेवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने चिकित्सकों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल मरीजों को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

उद्घाटन समारोह में संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों और चिकित्सकों ने रिबन काटकर प्रयोगशाला का शुभारंभ किया। इसके साथ ही “सिक्स सिग्मा और पूर्ण प्रयोगशाला स्वचालन के लाभ” विषय पर निरंतर चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने आधुनिक लैब ऑटोमेशन की उपयोगिता और गुणवत्ता सुधार पर विस्तृत चर्चा की।

विशेषज्ञों के अनुसार रोबोटिक टोटल लैब ऑटोमेशन तकनीक से नमूनों की डिजिटल ट्रैकिंग, मानवीय त्रुटियों में कमी, तेज टर्नअराउंड टाइम और उच्च गुणवत्ता वाले परिणाम सुनिश्चित होंगे। इससे विशेष रूप से आईसीयू और आपातकालीन मरीजों के उपचार में तेजी आएगी तथा गंभीर बीमारियों का समय पर सटीक निदान संभव होगा।

सिक्स सिग्मा आधारित गुणवत्ता प्रणाली जांच प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाते हुए परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य में आधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं और मरीज देखभाल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली साबित होगी।

 
 
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