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बुजुर्गों की पुकार से बच्चों की फीस तक—जनता दरबार में हर फरियाद पर गंभीर दिखा देहरादून प्रशासन

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 2 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दरबार में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में भूमि विवाद, अतिक्रमण, बुजुर्ग उत्पीड़न, हाईटेंशन लाइन, आर्थिक सहायता, स्कूल फीस माफी और पेयजल जैसी समस्याओं से जुड़ी 201 शिकायतें दर्ज की गईं। जिला प्रशासन ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण करते हुए शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों को त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए।


जनता दरबार में सबसे अधिक मार्मिक मामले बुजुर्गों के उत्पीड़न और संपत्ति विवाद से जुड़े सामने आए। बीमार बुजुर्ग घनश्याम भण्डारी ने बेटे पर दुकान और मकान कब्जाने की कोशिश का आरोप लगाया, जबकि कैंसर पीड़ित 80 वर्षीय किस्मत सिंह ने बेटी और दामाद पर धोखे से जमीन और मकान हड़पने तथा मारपीट कर घर से निकालने का आरोप लगाया। जिला प्रशासन ने दोनों मामलों में तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


आमवाला निवासी विधवा मुन्नी देवी ने बहू-बेटे पर प्रताड़ना और घर से निकालने की शिकायत की, जिस पर प्रशासन ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं गोदम्बरी देवी ने पति द्वारा उत्पीड़न और जीवनयापन के लिए आधी पेंशन दिलाने की गुहार लगाई।


जनसुनवाई में ग्राम खाला क्षेत्र में झुके हाईटेंशन बिजली खंभों से उत्पन्न खतरे का मामला प्रमुखता से उठा। जिला प्रशासन ने विद्युत विभाग और नगर निगम को तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय किद्दूवाला के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए यूपीसीएल को तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।


मोहकमपुर स्थित ज्वाल्पा एन्क्लेव में बरसाती नाले की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार और जलभराव की समस्या पर सिंचाई विभाग को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम माजरी में सिंचाई नहर बंद कर भूमि कब्जाने के मामले में एसडीएम को जांच कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए।


जनता दरबार में आर्थिक सहायता के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कई फरियादियों ने बच्चों की शिक्षा, स्कूल फीस माफी, पुत्री विवाह और मकान मरम्मत के लिए सहायता मांगी। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


इस दौरान नगर निगम, पशुपालन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण तलब किया। जनता दरबार में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

 
 
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