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श्री दरबार साहिब पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल, 100 करोड़ के बकाये पर जल्द भुगतान का भरोसा

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 1 दिन पहले
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देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने रविवार को श्री दरबार साहिब पहुंचकर मत्था टेका। उन्होंने श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज से शिष्टाचार भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और विभिन्न समसामयिक विषयों पर दोनों के बीच विस्तार से चर्चा हुई।


बैठक के दौरान श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के 100 करोड़ रुपये से अधिक के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार अस्पताल के बकाये के भुगतान के लिए बजट की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कर लंबित राशि का भुगतान किया जाएगा।


स्वास्थ्य मंत्री ने उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के उल्लेखनीय योगदान की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने आयुष्मान योजना, गोल्डन कार्ड और राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों को उपचार उपलब्ध कराने में अस्पताल की भूमिका की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने अस्पताल के कार्यों के लिए श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज को बधाई भी दी।


श्री दरबार साहिब की परंपरा के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। बातचीत में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।


श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने स्वास्थ्य मंत्री को एसजीआरआर एजुकेशन मिशन के तहत संचालित विद्यालयों तथा श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसजीआरआर एजुकेशन मिशन लंबे समय से किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने श्री गुरु राम राय ग्रुप के संस्थानों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल, एसजीआरआर एजुकेशन मिशन और श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये संस्थान भविष्य में भी मानवता की सेवा और जनकल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे।

 
 
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