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NALSA की पहल से न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 3 घंटे पहले
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देहरादून। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के तत्वाधान में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल द्वारा आयोजित नॉर्थ ज़ोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष सम्मेलन का विषय “Enhancing Access to Justice” रखा गया है, जिसकी थीम “Justice Beyond Barriers: Rights, Rehabilitation & Reform for the Most Vulnerable” है।

उद्घाटन अवसर पर उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी, एन. कोटेश्वर सिंह और संदीप मेहता सहित उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार तिवारी, उत्तराखंड लीगल सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष आलोक कुमार वर्मा तथा उत्तर भारत के विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायमूर्तिगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

सम्मेलन में प्रदेश के सभी जनपदों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्ष, सचिव और न्यायिक अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। विभिन्न सत्रों के माध्यम से न्याय तक पहुंच को और अधिक सुलभ व प्रभावी बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

पहले सत्र में वन समुदायों के अधिकारों और वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें वन गुज्जर समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। दूसरे सत्र में जेल सुधार (Prison Reforms) पर विशेष ध्यान देते हुए बंदियों के अधिकार, न्याय तक उनकी पहुंच और सुधारात्मक उपायों पर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

सम्मेलन को न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और मानव-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो समाज के वंचित और कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य को और मजबूत करेगा।

 
 
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