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ऋषिकेश से दिल्ली तक गूंजा नाम, डॉ. नेगी को राष्ट्रीय दायित्व

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 2 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

नई दिल्ली/ऋषिकेश।

संगठन केवल पदों से नहीं, बल्कि विचार, समर्पण और जनविश्वास से मजबूत होते हैं। जब किसी व्यक्ति की वर्षों की सामाजिक सक्रियता, सनातन मूल्यों के प्रति निष्ठा और समाजहित में निरंतर कार्य एक पहचान बन जाए, तब जिम्मेदारियां स्वयं उसके द्वार तक पहुंचती हैं। कुछ ऐसा ही विश्वास व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय सनातन संगठन ने उत्तराखंड के ऋषिकेश निवासी वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. राजे नेगी को संगठन का राष्ट्रीय संगठन मंत्री नियुक्त किया है।


यह नियुक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह द्वारा की गई। संगठन ने स्पष्ट किया कि डॉ. नेगी को यह दायित्व केवल एक औपचारिक पद के रूप में नहीं, बल्कि सनातन चेतना को जन-जन तक पहुंचाने और संगठन को राष्ट्रव्यापी मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सौंपा गया है।


राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ. राजे नेगी लंबे समय से सामाजिक सरोकारों, धार्मिक जागरूकता और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनका अनुभव, संतुलित नेतृत्व और समाज के प्रति प्रतिबद्धता संगठन को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो सनातन संस्कृति को केवल मंचों तक सीमित न रखें, बल्कि उसे समाज के व्यवहार और विचारों में स्थापित करें।


डॉ. राजे नेगी की पहचान उत्तराखंड में एक शांत, सजग और सक्रिय समाजसेवी के रूप में रही है। उन्होंने विभिन्न सामाजिक अभियानों, जनजागरूकता कार्यक्रमों और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के बीच अपनी अलग छवि बनाई है। यही कारण है कि उनकी नियुक्ति को संगठन के भीतर एक दूरदर्शी निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।


राजनीतिक और सामाजिक जानकारों का मानना है कि वर्तमान समय में जब भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है, तब डॉ. नेगी जैसे अनुभवी व्यक्तित्व संगठनात्मक मजबूती के साथ वैचारिक दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


डॉ. नेगी की नियुक्ति के बाद संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और क्षेत्रीय नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के नए आयाम स्थापित करेगा।

 
 
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