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हिमालयन इंस्टिट्यूट में गूंजा संदेश—जागरूकता और शोध से ही संभव मलेरिया उन्मूलन

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 23 घंटे पहले
  • 1 मिनट पठन

देहरादून । विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर Himalayan Institute of Medical Sciences (हिम्स), जौलीग्रांट में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थिएटर में किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने मलेरिया उन्मूलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।


कार्यक्रम में डीन डॉ. ए. शरीफ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का दायित्व नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जागरूकता, समय पर जांच, प्रभावी उपचार और निरंतर शोध को मलेरिया मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संसाधन और ज्ञान उपलब्ध होने के बावजूद ठोस कदम उठाने की जरूरत है।


पैनल चर्चा में विशेषज्ञों के रूप में डॉ. दीपशिखा, डॉ. नवीन सिंह राजपूत, डॉ. राजेन्दर सिंह, डॉ. ऋचा गर्ग और डॉ. सुमित गर्ग ने मलेरिया की रोकथाम, निदान और उपचार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।


इस अवसर पर एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।


कार्यक्रम में डॉ. विनीत मेहरोत्रा, डॉ. ए. के. श्रीवास्तव और डॉ. सौरभ कोहली सहित अन्य संकाय सदस्य भी मौजूद रहे।

 
 
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