धामी कैबिनेट के फैसलों से खुलेगा विकास का रास्ता, 26 से ज्यादा प्रस्तावों को मिली मंजूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 26 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। करीब डेढ़ महीने बाद हुई इस बैठक में आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट को स्वीकृति देना सबसे अहम निर्णय रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनुपूरक बजट का आकार करीब 7412 करोड़ रुपये बताया गया है। हालांकि, इसकी अंतिम राशि की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
कैबिनेट की बैठक दोपहर 3:55 बजे शुरू हुई। बैठक में मंत्रिमंडल ने 27 और 28 अक्टूबर को गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित होने वाले दो दिवसीय विधानसभा सत्र के लिए अनुपूरक बजट को मंजूरी दी। इस बजट के माध्यम से राज्य की विभिन्न आवश्यकताओं और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।
पंचायतों और नगर निकायों के अनुदान पर भी निर्णय
बैठक में छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी गई। यह रिपोर्ट त्रिस्तरीय पंचायतों और नगर निकायों को मिलने वाले अनुदान से संबंधित है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने, योजना आयोग की नई नियमावली तथा सिंचाई विभाग को कार्यदायी संस्था के रूप में कार्य करने की अनुमति देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया।
स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर
स्वास्थ्य विभाग में एक्स-रे टेक्निशियन पदों की भर्ती के लिए परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में रहे। इसके साथ ही नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों में भूमि उपयोग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में नए व्यवसाय शुरू करने वाले लोगों को विभिन्न योजनाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा शिक्षक स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी सहमति बनने की बात कही गई है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा शामिल नहीं हो सके। मंत्रिमंडल के फैसलों से प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सभी स्वीकृत प्रस्तावों का विस्तृत आधिकारिक ब्यौरा सामने आने के बाद फैसलों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।







