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MDDA का बड़ा कदम, तिवारी के नेतृत्व में धरातल पर उतरेगी योजना

लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
Uttarakhandnews Network
6 घंटे पहले
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देहरादून। राजधानी में सुनियोजित विकास और निर्माण नियमों के अनुपालन को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने सख्त रुख अपना लिया है। आवासीय कॉलोनियों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने, बिना स्वीकृत मानचित्र के दुकानें बनाने और स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्रवर्तन टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पांच मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को आवासीय क्षेत्रों की मूल प्रकृति बनाए रखने और अनधिकृत निर्माण पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की गई इस कार्रवाई के जरिए MDDA ने स्पष्ट संकेत दिया है कि निर्माण संबंधी नियमों और निर्धारित भू-उपयोग की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की निगरानी में आवासीय भवनों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बदलने, बिना अनुमति निर्माण करने और स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण करने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।


इंजीनियर इन्क्लेव में तीन मामलों में कार्रवाई


प्रवर्तन अभियान के दौरान इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन परिसरों को सील किया गया। यहां कृष्णा डेयरी के नाम से आवासीय कॉलोनी के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने पर कार्रवाई की गई। इसी क्षेत्र में रोहित विशाल द्वारा संचालित व्यावसायिक दुकान को भी सील किया गया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य आवासीय परिसर में बिना स्वीकृति परिवर्तन एवं परिवर्धन कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने का मामला सामने आया, जिस पर प्राधिकरण की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की।


बिना नक्शे दो दुकानों का निर्माण, निर्माण स्थल सील


ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर क्षेत्र में भी MDDA की प्रवर्तन टीम ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। यहां मयूर द्वारा प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना दो व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। जांच में निर्माण को नियमों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित मानकों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।


महिमा इन्क्लेव में हॉस्टल निर्माण पर कार्रवाई


महिमा इन्क्लेव, लेन नंबर-2, केहरी गांव में कुन्दन सिंह द्वारा स्टिल्ट सहित तीन तलों पर हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण के अनुसार, निर्माण स्वीकृत मानचित्र से अलग था और भवन के उपयोग में भी बदलाव किया गया था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया। इन कार्रवाइयों के माध्यम से प्राधिकरण ने भवन स्वामियों और संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण एवं उपयोग सुनिश्चित करने का संदेश दिया है।



बंशीधर तिवारी बोले—नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं


MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और भू-उपयोग संबंधी नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जा रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवनों के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों के विरुद्ध है।


उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और शिकायतों तथा स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें तथा निर्धारित मानकों का पालन करें, जिससे भविष्य में सीलिंग जैसी कार्रवाई की नौबत न आए।


मोहन सिंह बर्निया ने भी दिए सख्ती के निर्देश


MDDA सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। सभी भवन स्वामियों और संचालकों को स्वीकृत मानचित्र तथा निर्धारित भू-उपयोग के अनुरूप ही निर्माण और संचालन करना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रवर्तन टीमों को क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए।


MDDA की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि देहरादून में अनधिकृत निर्माण और आवासीय परिसरों के व्यावसायिक दुरुपयोग के मामलों में प्राधिकरण सख्ती बरत रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर के नियोजित विकास, आवासीय क्षेत्रों की गरिमा और निर्माण नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 
 
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