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उत्सव के बीच सुरक्षा पर जोर, दिग्वली थौल से वनाग्नि नियंत्रण का संकल्प

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 22 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

नरेंद्रनगर। विधानसभा क्षेत्र में आयोजित दिग्वली थौल महोत्सव के अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वनाग्नि की रोकथाम एवं नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से फायर वॉचर्स को फायर सेफ्टी किट वितरित की। इस पहल को वन क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने और जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


कार्यक्रम में संबोधित करते हुए वन मंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाएं पर्यावरण, वन्यजीव और स्थानीय जनजीवन के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि फायर वॉचर्स अग्रिम पंक्ति में रहकर कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं और आग पर नियंत्रण पाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उन्हें आधुनिक उपकरण और सुरक्षा किट उपलब्ध कराना जरूरी है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों बढ़ सकें।


वितरित किट में फायर बीटर, रेक, फावड़ा, पानी की टंकी, सुरक्षात्मक दस्ताने, हेलमेट, मास्क, फायर सेफ्टी डांगरी तथा प्राथमिक उपचार सामग्री शामिल है। ये उपकरण आपात स्थिति में सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई में सहायक होंगे।


वन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फायर वॉचर्स को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए और वनाग्नि प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।


प्रभागीय वनाधिकारी दिगांथ नायक ने बताया कि वन मुख्यालय से प्राप्त सुरक्षा किटों का वितरण सभी फ्रंटलाइन स्टाफ को किया जा रहा है। प्रत्येक फायर वॉचर का 10 लाख रुपये का बीमा भी कराया गया है। इसके अलावा स्थानीय लोगों से पिरूल एकत्र करने की अपील की गई है, जिसके लिए 10 रुपये प्रति किलो प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है।


कार्यक्रम में वनाग्नि प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी भी साझा की गई। इस अवसर पर उप प्रभागीय वनाधिकारी देवप्रयाग अनिल कुमार पैन्यूली, वन क्षेत्राधिकारी मदन सिंह रावत और विवेक जोशी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 
 
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