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श्री गुरु राम राय जी महाराज की आस्था से आलोकित अम्बिका धाम, जागरण-भंडारे को लेकर भक्तों में उत्साह

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 2 दिन पहले
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देहरादून। राजपुर की शांत वादियों में स्थित प्राचीन सिद्धपीठ माँ अम्बिका देवी मंदिर में नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 26 मार्च (गुरुवार) की रात्रि में प्रसिद्ध लोकगायक मंगलेश डंगवाल द्वारा महामाई का जागरण किया जाएगा, जबकि 27 मार्च (शुक्रवार) को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

मंदिर का संचालन श्री गुरु राम राय दरबार साहिब द्वारा किया जाता है। इस संबंध में जानकारी देते हुए मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि हर वर्ष नवरात्रि पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

150 वर्षों की आस्था का केंद्र

मंदिर का इतिहास करीब 150 वर्ष पुराना बताया जाता है। श्रीमहंत लक्ष्मणदास जी महाराज ने इस स्थल पर कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर माँ अम्बिका ने उन्हें दिव्य दर्शन दिए। इसके बाद यहां मंदिर की स्थापना हुई, जो आज सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध है।

नए स्वरूप में दिख रहा दिव्य धाम

वर्तमान में श्रीमहंत देवेंद्रदास जी महाराज के मार्गदर्शन में मंदिर को नया और भव्य स्वरूप दिया गया है। इस पुनर्निर्माण से न केवल मंदिर की सुंदरता बढ़ी है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता भी और अधिक उजागर हुई है।

प्रकृति की गोद में आध्यात्मिक स्थल

पुराने राजपुर के कैरवान गांव में स्थित यह मंदिर शहर की भीड़-भाड़ से दूर एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है। मान्यता है कि माँ अम्बिका ने स्वयं कच्चे आम के पेड़ के नीचे इस स्थान को स्थापित करने का संकेत दिया था, जिससे इसका नाम “अम्बिका” पड़ा।

राम नवमी पर उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब

नवरात्रि और विशेष रूप से राम नवमी के दिन यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। पूजा-अर्चना, जागरण और भंडारे के साथ यह स्थान आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन जाता है।

कुल मिलाकर, इस बार भी माँ अम्बिका देवी मंदिर में होने वाले जागरण और भंडारे को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

 
 
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