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सीएसआर से फर्नीचर, DMF से स्मार्ट क्लास—डीएम सविन बंसल ने बदली देहरादून की सरकारी शिक्षा की तस्वीर

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 11 घंटे पहले
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देहरादून। मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल के दूरदर्शी नेतृत्व में जनपद देहरादून में शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल साकार हो रही है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत जिले के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, जिससे सरकारी स्कूल भी अब आधुनिक तकनीक से लैस हो सकेंगे।

जिला प्रशासन द्वारा लार्ज स्केल पर देहरादून के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा रहे हैं।


इसके लिए ₹3.67 करोड़ की धनराशि जिला खनन न्यास (DMF) से स्वीकृत की गई है, वहीं संबंधित वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। इस पहल से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को स्मार्ट क्लासरूम का लाभ मिलेगा।



जिलाधिकारी सविन बंसल के शिक्षा मॉडल के तहत अब हर कक्षा में स्मार्ट तकनीक की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। स्मार्ट टीवी के माध्यम से डिजिटल कंटेंट, ऑडियो-विजुअल शिक्षण सामग्री और ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर पढ़ाई को अधिक रोचक, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।



सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच मौजूद डिजिटल अंतर को समाप्त करने के उद्देश्य से डीएम द्वारा यह अभिनव निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि तकनीक आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों की समझ, रुचि और शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।



इसके साथ ही जिला प्रशासन ने ₹5 करोड़ के सीएसआर फंड के माध्यम से जनपद के सभी विद्यालयों को फर्नीचर युक्त कर दिया है, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।



शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में जिलाधिकारी सविन बंसल की यह पहल न केवल देहरादून को एक डिजिटल शिक्षा मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि सरकारी स्कूलों की साख और गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

 
 
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