top of page

पेसमेकर से सीआरटी और थ्रीडी मैपिंग तक, हिम्स जौलीग्रांट बना उन्नत हृदय उपचार का केंद्र

लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
Uttarakhandnews Network
20 घंटे पहले
2 मिनट पठन

देहरादून/डोईवाला। हृदय की धड़कन का अनियमित होना महज एक सामान्य परेशानी नहीं, बल्कि कई बार गंभीर हृदय रोग का संकेत भी हो सकता है। ऐसे मरीजों के लिए हिम्स जौलीग्रांट ने कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी एवं डिवाइसेज के क्षेत्र में अत्याधुनिक उपचार सुविधा शुरू कर चिकित्सा सेवाओं को नई तकनीकी क्षमता प्रदान की है। यहां थ्रीडी मैपिंग जैसी उन्नत तकनीक के माध्यम से हृदय में असामान्य विद्युत संकेतों के स्रोत की सटीक पहचान कर उनका उपचार किया जा रहा है।


हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पिछले दो माह के दौरान थ्रीडी मैपिंग की सहायता से करीब 35 ईपीएस-आरएफए प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं। इसके अलावा मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप पेसमेकर, डिफिब्रिलेटर, कार्डियक रिसिंक्रोनाइजेशन थेरेपी (सीआरटी) और कंडक्शन सिस्टम पेसिंग जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।


हिम्स जौलीग्रांट के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वत्सल सिंह ने बताया कि हृदय की धड़कन एक जटिल विद्युत प्रणाली द्वारा नियंत्रित होती है। इस प्रणाली में व्यवधान आने पर धड़कन बहुत तेज, बहुत धीमी अथवा अनियमित हो सकती है, जिसे एरिथमिया कहा जाता है। यह स्थिति जन्मजात कारणों के साथ-साथ विभिन्न हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों में भी देखी जा सकती है। ऐसे मामलों में समय पर बीमारी की पहचान और विशेषज्ञ उपचार महत्वपूर्ण है।


कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग रावत के अनुसार थ्रीडी मैपिंग तकनीक हृदय के भीतर असामान्य विद्युत गतिविधि वाले स्थान की त्रिआयामी पहचान में मदद करती है। इसके बाद आधुनिक एब्लेशन तकनीक के माध्यम से उस असामान्य विद्युत मार्ग का उपचार किया जाता है। विशेष रूप से जटिल एरिथमिया के मामलों में यह तकनीक उपचार को अधिक सटीक बनाने में सहायक है।


हिम्स जौलीग्रांट में उपलब्ध पेसमेकर, डिफिब्रिलेटर और सीआरटी जैसी सुविधाएं गंभीर हृदय रोग तथा हार्ट फेलियर से जूझ रहे मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे मरीजों को उपचार के लिए दूर-दराज के केंद्रों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।


निदेशक (अस्पताल सेवाएं) डॉ. हेम चंद्रा ने कहा कि इस सुविधा के विस्तार से उत्तराखंड के साथ आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी धड़कन संबंधी जटिल बीमारियों के लिए आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय स्थिति के अनुरूप विशेषज्ञ टीम की निगरानी में उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।


हिम्स जौलीग्रांट की यह पहल आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के समन्वय से जटिल हृदय रोगों के उपचार को अधिक सटीक, व्यवस्थित और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है।

 
 
bottom of page