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ब्रेन सर्जरी में हिमालयन हॉस्पिटल की ऐतिहासिक सफलता, एंडोवास्कुलर कॉइलिंग से बची जान

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 3 घंटे पहले
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देहरादून। जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉक्टरों की टीम ने 60 वर्षीय महिला के ब्रेन में मौजूद चार खतरनाक एन्यूरिज्म का एक ही बार में सफल ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

यह जटिल सर्जरी आधुनिक एंडोवास्कुलर कॉइलिंग तकनीक से की गई।

हिमालयन हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ. बृजेश तिवारी ने बताया कि महिला आंखों के पीछे तेज दर्द और गर्दन में अकड़न की शिकायत लेकर ओपीडी में पहुंची थी। जांच के दौरान पता चला कि महिला के दिमाग की दाईं और बाईं नसों में चार स्थानों पर गुब्बारे जैसी सूजन (एन्यूरिज्म) मौजूद थी।

ये एन्यूरिज्म अत्यंत घातक होते हैं और इनके फटने पर दिमाग में गंभीर रक्तस्राव होकर जान का खतरा बन जाता है।

डॉ. तिवारी ने बताया कि दिमाग के दोनों हिस्सों में एक साथ चार एन्यूरिज्म का इलाज करना चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा था। इसके लिए एंडोवास्कुलर कॉइलिंग तकनीक का सहारा लिया गया। इस प्रक्रिया में मरीज की जांघ से एक अत्यंत पतली नली (कैथेटर) डालकर उसे दिमाग तक पहुंचाया गया। इसके बाद कैथेटर के माध्यम से चारों एन्यूरिज्म में प्लैटिनम के महीन तार (कॉइल) डाले गए, जिससे एन्यूरिज्म को अंदर से बंद कर दिया गया और उनमें रक्त का प्रवाह रुक गया। इससे उनके फटने का खतरा पूरी तरह समाप्त हो गया।इस सफल ऑपरेशन में डॉ. बृजेश तिवारी के नेतृत्व में डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. संजीव पांडे, डॉ. अंकित भाटिया, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मोहित और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. निरूपा शामिल रहे।एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने न्यूरो सर्जरी विभाग सहित पूरी चिकित्सकीय टीम को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता हिमालयन हॉस्पिटल की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की दक्षता को दर्शाती है।

 
 
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