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चंडीगढ़ मंडी में लाइसेंस घोटाला: अपराध और अनियमितताओं की कहानी

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 20 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित मंडी में एक बड़ा ठगी और फर्जी दस्तावेजों का मामला सामने आया है। उत्तराखंड के पत्रकार सौरभ खंडूडी ने इस मामले में स्थानीय प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में अमन फ्रूट एंड वेजिटेबल ट्रेडिंग कंपनी पर आरोप लगाया गया है कि उसने फर्जी रेंट एग्रीमेंट पेश करके लाइसेंस रिन्यू कराया, जबकि वास्तविक संपत्ति मालिक ने इसकी पुष्टि से साफ इनकार किया।

फर्जीवाड़ा और ठगी का खुलासा

शिकायत के अनुसार, कंपनी ने 2019 में अपने सेल एंड परचेज लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए एक दुकान का रेंट एग्रीमेंट प्रस्तुत किया। वास्तविक मालिक ने तुरंत मार्केट कमेटी को लिखा कि उन्होंने न तो दुकान किराए पर दी और न ही कोई रेंट एग्रीमेंट किया। इसके बावजूद कंपनी ने बाद में एक अन्य संपत्ति के नाम से दस्तावेज जमा कराए।

प्रशासनिक मिलीभगत के संकेत

शिकायतकर्ता का कहना है कि सभी आपत्तियों और शिकायतों के बावजूद, लाइसेंस रिन्यू कर दिया गया। इससे प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही या मिलीभगत के संकेत मिलते हैं। मामला गंभीर इसलिए भी है क्योंकि मंडी नियमों के अनुसार, लाइसेंस रिन्यू करने के लिए केवल वैध किराए की दुकान का होना अनिवार्य है।

व्यापारिक और कानूनी असुरक्षा

मंडी से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि यह मामला लाइसेंस सत्यापन और निगरानी प्रणाली की गंभीर खामियों को उजागर करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल व्यापारिक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि प्रशासनिक विश्वास को भी चुनौती देता है।

जांच की मांग

शिकायतकर्ता और मंडी से जुड़े कुछ व्यापारी मांग कर रहे हैं कि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो, ताकि यह साफ हो सके कि लाइसेंस प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज पेश किए गए थे या नहीं।

 
 
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