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गोविंद नगर कचरा समस्या के समाधान का भरोसा—महापौर शंभू पासवान व आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने पेश की कार्ययोजना

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 4 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

ऋषिकेश। नगर निगम ऋषिकेश के गोविंद नगर स्थित डंपिंग ग्राउंड को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया गया है। महापौर शंभू पासवान और नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने कहा है कि अप्रैल 2026 से इस डंपिंग ग्राउंड में नया कचरा नहीं डाला जाएगा और अगले छह महीनों के भीतर यहां जमा पुराने कचरे का निस्तारण कर दिया जाएगा। बुधवार को महापौर और नगर आयुक्त ने डंपिंग ग्राउंड का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ कार्ययोजना की समीक्षा की। नगर आयुक्त ने बताया कि कचरा हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी और इसके लिए शासन से करीब 6.79 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि लाल बीट पानी क्षेत्र में निर्माणाधीन कचरा निस्तारण प्लांट अप्रैल से शुरू करने की तैयारी है तथा अगले 15 दिनों में वहां मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी। प्लांट शुरू होने के बाद शहर का सारा नया कचरा वहीं भेजा जाएगा, जिससे गोविंद नगर डंपिंग ग्राउंड में कचरा डालना बंद हो जाएगा। हालांकि स्थानीय लोग इन दावों को लेकर संदेह जता रहे हैं। नगर निगम के गठन को सात साल बीतने के बाद भी गोविंद नगर की समस्या बनी हुई है। गर्मी के मौसम में सड़ते कचरे से उठने वाली बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही चारधाम यात्रा सीजन से पहले शहर के बीचों-बीच कचरे का ढेर शहर की छवि को भी प्रभावित कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस बार भी कचरा हटाने के दावे पूरे नहीं हुए तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। वहीं महापौर शंभू पासवान ने भरोसा दिलाया कि इस बार योजना को हर हाल में पूरा किया जाएगा और छह महीने के भीतर गोविंद नगर क्षेत्र को कचरा मुक्त कर दिया जाएगा।

 
 
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