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76 करोड़ की आय और 32 लाख से अधिक दर्शन, BKTC बोर्ड बैठक में चारधाम यात्रा की सफलता पर मंथन

लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
Uttarakhandnews Network
54 मिनट पहले
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ऋषिकेश। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष आस्था, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड आमद के लिहाज से नया इतिहास रच रही है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय में हुई बोर्ड बैठक में यात्रा की सफलता से लेकर आगामी चरण की व्यवस्थाओं और धामों के विकास तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन हुआ। BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में साफ संकेत दिया गया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ धामों में सुविधाओं, पारदर्शिता और प्रबंधन को भी नई ऊंचाई दी जाएगी।


भगवान बदरीविशाल और भगवान केदारनाथ की स्तुति के साथ शुरू हुई बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। इसके बाद यात्रा व्यवस्थाओं सहित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देश में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा ऐतिहासिक साबित हुई है। उन्होंने कहा कि यात्रा के द्वितीय चरण को भी सुव्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने के लिए BKTC पूरी तरह तैयार है।


बैठक में सामने आए आंकड़े यात्रा की भव्यता की तस्वीर खुद बयां करते हैं। BKTC के अनुसार श्री हेमकुंड साहिब सहित चारधाम में अब तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि अकेले श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम में 32 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। चारधाम यात्रा के लिए 60 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। श्री बदरीनाथ धाम में अब तक 17,22,908 और श्री केदारनाथ धाम में 14,92,047 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। दोनों धामों से BKTC को 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है।


खास बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक करीब 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं, जबकि यात्रा समाप्त होने में अभी करीब दो माह शेष हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की यह बढ़ती संख्या आने वाले समय में यात्रा प्रबंधन के लिए और बड़ी चुनौती तथा अवसर दोनों प्रस्तुत कर रही है।


धामों में तकनीक और पारदर्शिता पर जोर


मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बैठक में विभिन्न प्रस्ताव सदस्यों के समक्ष रखे। धामों और अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी व्यवस्था को और मजबूत करने, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तथा BKTC की वेबसाइट के आधुनिकीकरण का प्रस्ताव पारित किया गया। यात्रा की आगामी व्यवस्थाओं के लिए एसओपी की समीक्षा और उसे और प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी।


जीर्णोद्धार से पर्यटन विकास तक बड़ा एजेंडा


बैठक में श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के जीर्णोद्धार के द्वितीय चरण, श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार तथा श्री त्रिजुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा गुप्तकाशी स्थित शोणितपुर संस्कृत महाविद्यालय का नाम BKTC के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।


कर्मचारियों के मुद्दों पर भी बनी सहमति


बोर्ड बैठक में अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायी कर्मचारियों की पदोन्नति, असमय दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और अधिवर्षता आयु पूरी कर चुके ऐसे कार्मिकों को एकमुश्त राशि दिए जाने जैसे कर्मचारी हित से जुड़े विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे। हक-हकूकधारियों, दस्तूरधारियों और बाजीगरों के आवेदनों एवं दस्तूर से जुड़े मामलों पर भी विचार किया गया।


बैठक में भीड़ प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों की सहायता लेने, कर्मचारी सेवा नियमावली में आवश्यक सुधार करने तथा वेद संस्कृत महाविद्यालय खोलने सहित कई प्रस्तावों को चर्चा के बाद मंजूरी दी गई।

 
 
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