SRHU के TEDx में ‘द स्पार्क विदिन’ का संदेश, नौ वक्ताओं ने अनुभवों से गढ़ी सफलता की नई परिभाषा
देहरादून/डोईवाला। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (SRHU) में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (SMS) की ओर से TEDx-SRHU के प्रथम संस्करण का भव्य आयोजन किया गया। ‘द स्पार्क विदिन’ थीम पर आयोजित इस आयोजन में तकनीक, उद्यमिता, नेतृत्व, सामाजिक सरोकार, मीडिया और खेल जगत से जुड़े नौ प्रेरक वक्ताओं ने अपनी जीवन-यात्रा, संघर्ष और उपलब्धियों के अनुभव साझा कर युवाओं को अपने भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानने का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए SRHU के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि किसी भी बड़े परिवर्तन की शुरुआत एक विचार से होती है। युवाओं के भीतर असीम संभावनाएं मौजूद हैं और जरूरत केवल उस आंतरिक चिंगारी को पहचानकर उसे सही दिशा देने की है। उन्होंने कहा कि ‘द स्पार्क विदिन’ केवल एक थीम नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी क्षमता पहचानकर उसे समाज और राष्ट्र के सकारात्मक परिवर्तन में लगाने का संदेश है।
SRHU के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की सीमाओं से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन के अनुभवों, चुनौतियों और उपलब्धियों को समझने का अवसर देते हैं। वहीं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की निदेशक डॉ. तरुणा गौतम ने कहा कि TEDx ऐसे विचारों, अनुभवों और कहानियों को मंच प्रदान करता है, जो लोगों को कुछ नया सोचने और अपने दृष्टिकोण का विस्तार करने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की नौ शख्सियतों ने अपने अनुभवों से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इनमें साक्षर दुग्गल, उभरती प्रौद्योगिकी एवं साइबर कानून से जुड़े युवा विचारक; विंग कमांडर अनुपमा जोशी (से.नि.), समुन्नति फाउंडेशन की सलाहकार एवं भारतीय वायुसेना की पूर्व अधिकारी; रितुराज शर्मा, जेट्टा फार्म्स एवं क्राउपायलट के संस्थापक; आरजे काव्या, रेडियो प्रस्तोता एवं डिजिटल कहानीकार; शशि बहुगुणा रतूड़ी, नमकवाली की संस्थापक एवं सीईओ; बिनिता शाह, सारंग विकास समिति की संस्थापक एवं सीईओ; हर्षल दिलवाली, क्लैरिसा ग्रुप के निदेशक एवं सीईओ, उद्यमी एवं अधिवक्ता तथा शौर्य सैनी, SRHU के पूर्व छात्र एवं विश्व चैंपियन निशानेबाज शामिल रहे। कार्यक्रम में डॉ. विजय धस्माणा ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अपूर्व त्रिवेदी ने किया। विद्यार्थियों ने वक्ताओं के विचारों और अनुभवों को उत्साहपूर्वक सुना। इस अवसर पर डॉ. विजेंद्र चौहान, डॉ. प्रकाश केशवया, डॉ. रेनू धस्माणा, साधना मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक, अधिकारी, फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। आयोजन ने युवाओं को यह संदेश दिया कि सफलता की शुरुआत अक्सर किसी बाहरी अवसर से नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद उस छोटी-सी चिंगारी को पहचानने से होती है, जो बड़े बदलाव की वजह बन सकती है।







