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"जनहित पर डीएम का दम: शिकायतों पर खुद लेंगे फीडबैक, लापरवाही पर गिरेगी गाज"

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 6 घंटे पहले
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देहरादून,। मानसून की दस्तक से पहले देहरादून जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। रविवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अपने प्रशासनिक दम का परिचय देते हुए साफ कर दिया कि आपदा प्रबंधन और जनहित से जुड़े प्राथमिकता वाले सभी कार्य 7 जून तक हर हाल में पूरे होने चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि विभागों के बीच किसी भी प्रकार का कम्युनिकेशन गैप या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


सड़क, विद्युत, पेयजल, सिंचाई, नगर निगम, पुलिस तथा अन्य रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में डीएम ने कहा कि मानसून के दौरान जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अभी से युद्धस्तर पर तैयारियां पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय ही आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी ताकत है।


बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर टास्क फोर्स, कंट्रोल रूम और वार रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।


डीएम ने सड़कों पर चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए पर्याप्त मशीनरी और मैनपावर तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े सभी प्राथमिकता वाले कार्य 7 जून तक पूरे किए जाएं और उसके बाद संबंधित सड़कें तत्काल लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर मरम्मत व पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया जाए।


नदी, नहर और बरसाती नालों के चौनलाइजेशन कार्य को भी उन्होंने सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग को सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने तथा नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि मानसून के दौरान छोटी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।


जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को सक्रिय रखने और विकासनगर, ऋषिकेश सहित संवेदनशील क्षेत्रों में वाटर पंप के साथ विशेष टास्क फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए। वहीं यातायात व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक पुलिस को प्रमुख चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया।


बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वह स्वयं शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर कॉल ऑपरेटर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।


बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) के.के. मिश्रा, अधीक्षण अभियंता ओम पाल सिंह, अधीक्षण अभियंता संजय रॉय, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सीओ सिटी नितिन लोहानी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 
 
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