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महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए इंदिरेश अस्पताल की पहल, स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान पर विशेष जोर

लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
Uttarakhandnews Network
16 घंटे पहले
2 मिनट पठन

देहरादून।स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच के महत्व को समझाने और कैंसर को मात देने वाली महिलाओं के साहस को सम्मानित करने के उद्देश्य से श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एवं रोटरी क्लब देहरादून सेंट्रल के संयुक्त तत्वावधान में स्तन कैंसर जागरूकता दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। अस्पताल के चेयरमैन पूज्य श्री महंत देवेन्द्र दास जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने शुरुआती पहचान को बेहतर उपचार के लिए महत्वपूर्ण बताया।


कार्यक्रम में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मीनू गुप्ता ने कहा कि स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान से उपचार के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि स्तन में किसी प्रकार का बदलाव कई सप्ताह तक बना रहे तो उसे नजरअंदाज न करें और चिकित्सकीय परामर्श लें। डॉ. कनिका कपूर ने नियमित जांच और मैमोग्राफी के महत्व पर प्रकाश डाला।


अस्पताल के निदेशक एवं ब्रेस्ट एंड एंडोक्राइन सर्जन प्रो. डॉ. नीलकमल ने स्तन कैंसर उपचार के क्षेत्र में अपने 27 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञताओं की संयुक्त सेवाओं के साथ सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से रियायती उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। कैंसर से उबर चुके मरीजों का पुनर्वास और उन्हें सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में शामिल करना भी संस्थान की प्राथमिकताओं में है।


कार्यक्रम में रोटरी क्लब देहरादून सेंट्रल की अध्यक्ष रोटेरियन एडवोकेट अंजना साहनी की विशेष सहभागिता रही। स्वयं स्तन कैंसर विजेता रहीं अंजना साहनी ने इस आयोजन के माध्यम से कैंसर से संघर्ष कर चुकी महिलाओं के साहस और सकारात्मक सोच को सम्मान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण स्तन कैंसर विजेताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और रोटरी क्लब के सदस्यों ने संगीतमय प्रस्तुतियां दीं। गीत-संगीत, जागरूकता संदेशों और उपहार वितरण के माध्यम से महिलाओं का उत्साहवर्धन किया गया।


इस अवसर पर पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सीमा आचार्य, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. निशीथ गोविल तथा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. दौलत सिंह सहित विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. पंकज गर्ग, डॉ. अजीत तिवारी, डॉ. पल्लवी कौल, डॉ. देबांजन सिकदर और डॉ. निशांत सिन्हा समेत अन्य चिकित्सकों ने भी सहभागिता की।


कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. रचित आहूजा रहे। समापन पर डॉ. देबांजन सिकदर ने अतिथियों, रोटरी क्लब के सदस्यों, अस्पताल प्रशासन, नर्सिंग स्टाफ, स्वयंसेवकों और कैंसर विजेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।


कार्यक्रम में संदेश दिया गया कि स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहते हुए किसी भी असामान्य बदलाव पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर पहचान और उचित उपचार स्तन कैंसर के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 
 
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