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SRHU ने जगाई सुरक्षित भोजन की अलख, खाद्य मिलावट जांच से लेकर पौष्टिक आहार तक पर हुआ मंथन

लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
Uttarakhandnews Network
13 मिनट पहले
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देहरादून/डोईवाला।विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रसाद ए. वाडेगावकर ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने और खाद्य उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।


कुलपति डॉ. वाडेगावकर ने कहा कि वर्तमान समय में खाद्य सुरक्षा और पोषण से जुड़ी सही जानकारी आमजन तक पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए मीडिया और अन्य प्रचार माध्यमों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से खाद्य सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।


विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर वोकेशनल स्टडीज एंड स्किल डेवलपमेंट (सीवीएसएसडी) के विद्यार्थियों ने स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन परोसने की शपथ ली। विभागाध्यक्ष संजीव बिंजोला ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और संतुलित पोषण स्वस्थ जीवन के आधार हैं। उन्होंने भावी शेफ से पाक कला के क्षेत्र में स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का पालन करने की अपील की।


वहीं, स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज (एसबीएस) में पोस्टर प्रतियोगिता, विशेषज्ञ व्याख्यान, जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रदर्शन और खाद्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए फूड स्टॉल लगाए गए। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण फूड एडल्टरेशन टेस्टिंग वैन रही, जहां विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने के तरीके बताए।


कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की, पतंजलि फूड्स लिमिटेड, नेचुरल हर्ब्स एंड फॉर्म्युलेशन लिमिटेड, यूकॉस्ट और उत्तराखंड जल संस्थान से जुड़े विशेषज्ञों ने भी सहभागिता की। इनमें कीर्तिराज गायकवाड़, डॉ. रामकृष्ण गुप्ता, डॉ. शशि रंजन, डॉ. भवतोष शर्मा और डॉ. विकास कंडारी शामिल रहे।


कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, पोषण तथा मिलावट के प्रति सतर्कता का संदेश दिया गया।

 
 
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