top of page

मनोज गौतम की एंट्री से अनुसूचित जाति आयोग को मिलेगी नई दिशा

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 4 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

देहरादून। उत्तराखण्ड में सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा भाजपा नेता मनोज गौतम को राज्य अनुसूचित जाति आयोग का सदस्य नामित किया है। इस निर्णय को प्रदेशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, विशेष रूप से हरिद्वार क्षेत्र में इसे गौरव के रूप में देखा जा रहा है।


राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान, सशक्तिकरण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आयोग को अधिक प्रभावी और जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से नई ऊर्जा से भरपूर नेतृत्व को जोड़ा जा रहा है। मनोज गौतम की नियुक्ति को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


मनोज गौतम लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और समरसता बढ़ाने का कार्य किया है। उनकी कार्यशैली पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित पर केंद्रित रही है।


अनुसूचित जाति आयोग का मुख्य उद्देश्य वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना, भेदभाव के मामलों की जांच करना और उनके समग्र विकास के लिए नीतिगत सुझाव देना है। ऐसे में मनोज गौतम जैसे युवा और संवेदनशील नेतृत्व से आयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


नियुक्ति के बाद मनोज गौतम ने कहा कि उनका लक्ष्य अनुसूचित जाति के लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सम्मान के क्षेत्र में समान अवसर दिलाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे लोगों की समस्याओं को सरकार तक प्रभावी तरीके से पहुंचाकर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।


मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 
 
bottom of page