top of page

स्वच्छता और हरियाली का संदेश लेकर मैदान में उतरा नरेन्द्रनगर वन प्रभाग

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 1 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

नरेन्द्रनगर/ऋषिकेश। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नरेन्द्रनगर वन प्रभाग की ओर से शिवपुरी वन क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान और सांकेतिक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा पर्यावरण प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।


वन विभाग द्वारा गंगा तट, पर्यटन स्थलों, वन मार्गों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान प्लास्टिक कचरा, पॉलीथीन, बोतलें और अन्य अपशिष्ट सामग्री एकत्र कर उनका सुरक्षित निस्तारण किया गया। मुनिकीरेती क्षेत्र के आरक्षित वन क्षेत्र से करीब एक टन कूड़ा एकत्र कर नगर पालिका के निस्तारण केंद्र भेजा गया।


स्वच्छता अभियान के बाद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिकी के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।


प्रभागीय वनाधिकारी दिगांथ नायक ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में गिरावट, वनाग्नि और प्रदूषण जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने गंभीर संकट बनकर खड़ी हैं। इनसे निपटने के लिए जनसहभागिता और सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं।


उन्होंने लोगों से वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक के सीमित उपयोग और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान वनों के महत्व, जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ने तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।


कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी अनिल पैन्यूली, उप प्रभागीय वनाधिकारी किशोर नौटियाल, वन क्षेत्राधिकारी विवेक जोशी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न वन पंचायतों के सरपंच तथा स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 
 
bottom of page