निर्मल आश्रम अस्पताल ने जगाई मानवता की अलख, 19वें रक्तदान शिविर में 72 लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ
ऋषिकेश। मानव सेवा और परोपकार की भावना को समर्पित निर्मल आश्रम अस्पताल की ओर से रविवार को निर्मल आश्रम परिसर में 19वें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। बरसी समागम के दूसरे दिन परिवर्तन चैरिटेबल ब्लड सेंटर, ऋषिकेश के सहयोग से आयोजित शिविर में 72 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मानवता की सेवा में योगदान दिया।
शिविर का शुभारंभ निर्मल आश्रम के महंत बाबा राम सिंह जी महाराज ने किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में रक्तदान और मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए। मानव सेवा से आत्मिक शांति प्राप्त होती है और जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य है।
इस अवसर पर संत जोध सिंह जी महाराज ने चिकित्सा एवं शिक्षा के क्षेत्र में निर्मल आश्रम की ओर से संचालित जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया।
निर्मल आश्रम अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होता है। एक यूनिट रक्त को तीन अलग-अलग घटकों में विभाजित कर तीन मरीजों के उपचार में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से वर्ष में दो बार रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में यह 19वां स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 72 रक्तदाताओं ने भागीदारी निभाई।
शिविर में वी.डी. नौटियाल, राजकुमार, डॉ. इंदू शर्मा, संदीप चौधरी, अमन रंधावा, अनिल किंगर, कुलदीप सिंह (दीप्पा जी), करमजीत सिंह, चरणजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, गुरजिंदर सिंह, दिनेश शर्मा और गुरदीप सिंह सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।







