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123 वर्षों की परंपरा, खेल और संस्कार का संगम—गुरुकुल कांगड़ी में विजयादशमी क्रीड़ा उत्सव संपन्न

लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
Uttarakhandnews Network
24 मिनट पहले
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हरिद्वार।  गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय, हरिद्वार में 123 वर्षों से अनवरत आयोजित हो रही पारंपरिक विजयादशमी क्रीड़ा प्रतियोगिता हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। 16 और 17 अक्टूबर को आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स और योगासन सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाग कर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं में सर्वाधिक पदक प्राप्त करने का गौरव गुरुदत्त विद्यार्थी सदन को मिला।

समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हरिद्वार नगर निगम की महापौर किरण जैसल ने कहा कि खेल विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाते हैं। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, परस्पर प्रेम और आगे बढ़ने की प्रेरणा विकसित होती है। शिक्षा के साथ खेलों में भागीदारी विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से दूर रखने में सहायक है।

वार्ड संख्या 54 के पार्षद नागेंद्र राणा ने कहा कि खेलों से व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विजेंद्र शास्त्री ने कहा कि गुरुकुल की स्थापना काल से दशहरे के पावन अवसर पर विजयादशमी क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के आयोजन की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले प्राध्यापकों, अधिष्ठाताओं और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रविकांत मलिक ने विद्यार्थियों को खेल भावना, संयम और उत्तम व्यवहार के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरुकुलीय और कॉन्वेंट परंपराओं के अंतर पर भी प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता के संयोजक लोकेश शास्त्री और धर्म सिंह ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, 100, 400 और 800 मीटर दौड़ सहित विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाएं तथा योगासन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण-पत्र, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को रजत पदक एवं प्रमाण-पत्र तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को कांस्य पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

प्रतियोगिताओं के संचालन में पीटीआई लोकेश शास्त्री और धर्म सिंह का विशेष योगदान रहा। तकनीकी टीम में अमित कुमार, विजय कुमार और दीप कमल शामिल रहे, जबकि निर्णायकों के रूप में हुकमचंद, राज कमल, अशोक कुमार और गौरव शर्मा ने जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. योगेश शास्त्री, वेदपाल सिंह, लोकेश शास्त्री और धर्म सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, अधिष्ठातागण और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

 
 
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