डॉ. राजे नेगी के संदेश के साथ ‘तेरी माया’ का आगाज़— उत्तराखंडी सिनेमा को नई पहचान देने की पहल
- Uttarakhandnews Network
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ऋषिकेश। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और पहाड़ की संवेदनशील जीवनशैली को बड़े पर्दे पर जीवंत करने वाली बहुप्रतीक्षित उत्तराखंडी फीचर फिल्म ‘तेरी माया’ अब ऋषिकेश के दर्शकों के बीच पहुंचने जा रही है। आगामी शुक्रवार 29 मई से रामा पैलेस सिनेमा हॉल, ऋषिकेश में प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे फिल्म का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा।
इस अवसर पर बुधवार को देहरादून रोड स्थित अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा कार्यालय में फिल्म के पोस्टर का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में महासभा के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी, उत्तराखंडी फिल्म अभिनेता रणवीर सिंह चौहान, समाजसेवी धीरज सिंह एवं फिल्म से जुड़े कलाकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजे नेगी ने कहा कि उत्तराखंडी सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, भाषा और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त मंच है। उन्होंने बताया कि लगनी फिल्म्स के बैनर तले बनी ‘तेरी माया’ को देहरादून में दर्शकों का भरपूर प्रेम और आशीर्वाद प्राप्त हुआ है तथा अब ऋषिकेश में भी इसे लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि यह फिल्म प्रेम, त्याग, पारिवारिक रिश्तों और पहाड़ की मिट्टी से जुड़े उन भावनात्मक पक्षों को सामने लाती है, जो आज के बदलते सामाजिक परिवेश में भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। फिल्म दर्शकों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का संदेश देती है।
फिल्म का निर्माण अवध नारायण प्रसाद ने किया है, जबकि लेखन एवं निर्देशन संजय सिंह नेगी ने किया है। छायांकन मनोज सती, संगीत निर्देशन रणजीत सिंह तथा गीत भी संजय सिंह नेगी द्वारा लिखे गए हैं। संपादन की जिम्मेदारी दर्श चितरोड़ा और हेमंत चव्हाण ने संभाली है।
फिल्म के गीतों को लोकगायक साहब सिंह रमोला, आकांक्षा रमोला, सुरेश काला, अमित खरे, अंजली खरे एवं सविता पर्सवान ने स्वर दिए हैं। वहीं मुख्य भूमिकाओं में सावन गैरोला, भावना कांडपाल, साक्षी काला, पन्नू गुसाईं, नताशा शाह, मोहित घिल्डियाल, प्राची पंवार सहित कई कलाकार नजर आएंगे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजे नेगी ने ऋषिकेश एवं आसपास के दर्शकों से परिवार सहित सिनेमाघर पहुंचकर फिल्म देखने और उत्तराखंडी सिनेमा को मजबूत बनाने की अपील की।
‘तेरी माया’ — केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि पहाड़ की आत्मा, रिश्तों की गर्माहट और अपनी संस्कृति को महसूस करने का एक भावनात्मक अनुभव।







