गुरुकुल कांगड़ी में हुनर, संवाद और कारोबार का संगम, ‘नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप चैलेंज 2026’ का चरण संपन्न
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में उद्यमिता प्रकोष्ठ (ई-सेल जीकेवी) की ओर से ‘सेल इट लाइक ए फाउंडर’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप चैलेंज 2026 के इस चरण के अंतिम कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच, संवाद कौशल और बिक्री की क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में रमन यादव ने प्रथम, आयुष शर्मा ने द्वितीय और दीपक कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना विकसित करने के साथ उनकी व्यावसायिक समझ, योजना निर्माण और ग्राहकों को उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करने की क्षमता को बढ़ावा देना था।
ई-सेल जीकेवी के संयोजक एवं युवा वैज्ञानिक डॉ. लोकेश जोशी ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को स्मार्टफोन, पावर बैंक और ईयरबड्स में से किसी एक उत्पाद को बेचने की चुनौती दी गई। इसके लिए प्रत्येक प्रतिभागी ने घूमते हुए पहिए के माध्यम से एक उत्पाद चुना और मंच पर निर्णायकों के सामने उसकी खूबियों को इस तरह प्रस्तुत किया कि वे उसे खरीदने के लिए तैयार हो जाएं। प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी रचनात्मकता, संवाद कौशल, ग्राहकों की जरूरतों को समझने, बिक्री करने और कठिन सवालों का जवाब देने की क्षमता के आधार पर किया गया। निर्णायक के रूप में डॉ. प्रवीण कुमार पाण्डेय और आयुष कुमार सिंह उपस्थित रहे।
संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल ने कहा कि ई-सेल जीकेवी विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने, समस्याओं का समाधान खोजने और अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसी क्रम में पूर्व में यूरेका, स्टार्टअप मास्टर क्लास, गेस थिंक विन, लिंक्डइन प्रेजेंटेशन और स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसी गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में उत्पाद बनाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही चुनौतीपूर्ण उसका प्रभावी विपणन करना भी है।
निर्णायक डॉ. प्रवीण कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी उत्पाद को बेचने के लिए उसकी पूरी जानकारी होना आवश्यक है। अधूरे ज्ञान के आधार पर प्रभावी बिक्री नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि किसी उत्पाद के प्रति ग्राहकों का विश्वास और एक मजबूत उपभोक्ता समुदाय तैयार करना व्यवसाय की दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नई सोच विकसित करने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने में सहायक हैं। वहीं, सहायक प्रोफेसर आयुष कुमार सिंह ने कहा कि व्यवसाय की सफलता के लिए केवल अच्छा उत्पाद या विचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से प्रस्तुत करना, ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझना और उन्हें खरीद के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है। यह आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।







