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रहमत, मगफिरत और निजात का संदेश लेकर आया पाक महीना रमजान

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 16 घंटे पहले
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रुड़की। पवित्र रमजान माह की शुरुआत के साथ ही शहर में धार्मिक आस्था और बाजारों की रौनक दोनों देखने को मिल रही है। इस वर्ष रमजान की खास बात यह है कि पूरे महीने में पांच जुमे पड़ेंगे, जिनमें आखिरी जुमा 20 मार्च को होगा।

इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना रमजान मुस्लिम समुदाय के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान रोजेदार सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत कर उनकी नेमतों के लिए शुक्र अदा करते हैं। पूरे महीने रोजे रखने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है।

मान्यता है कि इस्लाम के अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब को वर्ष 610 में लैलतुल कद्र की रात पवित्र कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था। तभी से रमजान को विशेष पवित्रता के साथ मनाने की परंपरा चली आ रही है।

रमजान के दौरान रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने तक सीमित नहीं होता, बल्कि मन, वचन और कर्म की पवित्रता भी आवश्यक मानी जाती है। इस महीने में बुरे विचारों से बचने, झूठ, लालच, बदनामी और झूठी कसम से दूर रहने की सीख दी जाती है। रमजान के पहले दस दिन रहमत, अगले दस दिन मगफिरत (माफी) और अंतिम दस दिन जहन्नुम से निजात के माने जाते हैं।

इबादत के साथ-साथ बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। सहरी और इफ्तार के लिए पापे, फैनी, खजले और खजूर की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। शहर ही नहीं, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी के लिए बाजार पहुंच रहे हैं। रमजान शुरू होते ही बाजारों में विशेष चहल-पहल और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

 
 
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