top of page

जिला प्रशासन की तत्परता: शिक्षा और ऋण मुक्ति के साथ परिवार को भविष्य की उम्मीद

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 5 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

देहरादून। जीवन की कठिन परिस्थितियों, पति की आकस्मिक मृत्यु और तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी झेल रही विधवा शांति राणा को जिला प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण के साथ आर्थिक एवं शैक्षिक मदद प्रदान की है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार, CSR फंड से 4 लाख रुपये शांति राणा के बैंक खाते में हस्तांतरित किए गए, जिससे उनका ई-रिक्शा खरीदने के लिए लिया गया बैंक ऋण समाप्त हो गया। इसके साथ ही उनकी 8वीं में पढ़ रही बेटी अंशिका की कक्षा 12 तक की फीस 1.62 लाख रुपये एकमुश्त सीधे स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई, जिससे परिवार पर शिक्षा का बोझ समाप्त हो गया।

शांति राणा ने नवम्बर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जिलाधिकारी को अपनी दयनीय आर्थिक स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने बताया कि उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा खरीदने हेतु 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था, लेकिन दुर्भाग्यवश सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा।

वर्तमान में शांति राणा के साथ 12 वर्षीय पुत्री अंशिका, 5 वर्षीय पुत्र अक्षय और एक किशोर पुत्र हैं। जिला प्रशासन ने उनकी शिक्षा और जीवन यापन सुनिश्चित करने के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित की। साथ ही शांति राणा को उनकी योग्यता अनुसार रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि पीड़िता को सभी शासकीय योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभ और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें तात्कालिक राहत के साथ भविष्य में स्थायी आजीविका के साधन भी मिल सकें।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील एवं मानवीय मामलों में पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी और संकट की घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

 
 
bottom of page