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भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं: डीएम सविन बंसल के आदेश पर तत्काल निलंबन

  • लेखक की तस्वीर: Uttarakhandnews Network
    Uttarakhandnews Network
  • 2 जन॰
  • 1 मिनट पठन

देहरादून। लाखामण्डल क्षेत्र में अवैध वसूली की गंभीर शिकायत पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाते हुए राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

लाखामण्डल, चकराता क्षेत्र के निवासियों ने शपथपत्र सहित संयुक्त शिकायत में ऑडियो साक्ष्य (पेनड्राइव) संलग्न कर आरोप लगाए थे कि पटवारी द्वारा दस्तावेज तैयार कराने, फर्जी विक्रय पत्र, दाखिल-खारिज जैसे कार्यों के नाम पर किसानों, काश्तकारों तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के गरीब लोगों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से अवैध धन वसूली की जा रही थी।

जिलाधिकारी द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर प्रकृति के पाए गए। उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के प्रथम दृष्टया उल्लंघन के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को मूल नियम-53 के तहत अर्द्ध औसत वेतन के समतुल्य जीवन निर्वाह भत्ता एवं नियमानुसार महंगाई भत्ता देय होगा, बशर्ते वह किसी अन्य सेवा/व्यवसाय में संलग्न न हो।

प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जिन्हें एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद उप जिलाधिकारी मुख्यालय द्वारा निलंबन आदेश विधिवत जारी किए गए।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में जिला प्रशासन की शून्य सहिष्णुता नीति है और दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 
 
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